Jammu & Kashmir में आतंकियों की नई रणनीति सुरक्षा बलों के लिए बड़ी चुनौती बनती जा रही है। अब आतंकी local houses या safe houses में छिपने के बजाय जंगलों और ऊँचे ridges में underground bunkers बना रहे हैं। हाल ही में Kulgam encounter के दौरान ऐसे ही एक गुप्त trench का पता चला, जहाँ से ration, गैस स्टोव, हथियार और गोला-बारूद बरामद हुआ। Experts का कहना है कि local support कम होने और villages में पनाह न मिलने के कारण आतंकी मजबूरन इस नई tactic को अपना रहे हैं। Retired Lt Gen D.S. Hooda ने कहा कि ये तरीका 1990s और early 2000s की याद दिलाता है, जब इसी तरह के bunkers का इस्तेमाल किया जाता था। Security agencies अब ground-penetrating radar (GPR) drones और seismic sensors का सहारा लेने की तैयारी में हैं ताकि इन छिपे ठिकानों का पता लगाया जा सके। Officials का मानना है कि local informers के बढ़ते network की वजह से आतंकी अब लोगों से दूरी बनाकर जंगलों में छिप रहे हैं। इससे साफ है कि Valley में आतंकवाद की नई तस्वीर सामने आ रही है, जिसमें Army को अपनी strategy फिर से re-evaluate करनी होगी।
