PP NEWS LINE DESK : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भेंट किए गए उपहारों की सातवीं ई-ऑक्शन में जम्मू-कश्मीर और लद्दाख ने अपनी सांस्कृतिक धरोहर का अद्वितीय प्रदर्शन किया है। इस वर्ष, जम्मू-कश्मीर से 71 और लद्दाख से 5 वस्तुएं शामिल की गई हैं, जो इन क्षेत्रों की समृद्ध कला, शिल्प और आध्यात्मिक परंपराओं को दर्शाती हैं।
जम्मू-कश्मीर की विशेषताएँ:
हाथ से बुनी पाशमिना शॉल: यह शॉल कश्मीरी कारीगरी का उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें सोज़नी कढ़ाई की गई है। इसमें फूलों और बेलों के जटिल पैटर्न हैं, जो कश्मीरी हस्तशिल्प की समृद्ध परंपरा को दर्शाते हैं।
कानी पाशमिना शॉल: यह शॉल छोटे लकड़ी के सुइयों से बुनी जाती है, जिसमें घाटी के दृश्य प्रेरणा स्रोत होते हैं। इसे पूरा करने में महीनों का समय लगता है और यह कश्मीरी बुनाई का शिखर मानी जाती है।
लद्दाख की विशेषताएँ:
थांका चित्रकला स्क्रॉल: यह चित्र शाक्यमुनि बुद्ध के ध्यान मुद्रा में चित्रित है, जो लद्दाख की आध्यात्मिक और कलात्मक परंपराओं को दर्शाता है।
पीतल की सुराही: इस सुराही में जटिल फूलों के डिज़ाइन हैं, जो लद्दाख की पारंपरिक धातु कला का उत्कृष्ट उदाहरण है।
यह ई-ऑक्शन 17 सितंबर से 2 अक्टूबर 2025 तक ऑनलाइन उपलब्ध है। सभी आय ‘नमामि गंगे’ परियोजना में जाएगी, जो गंगा नदी के पुनरुद्धार के लिए केंद्र सरकार की प्रमुख पहल है।
अधिक जानकारी और भागीदारी के लिए [www.pmmementos.gov.in](http://www.pmmementos.gov.in) पर जाएँ।
