PP NEWS LINE DESK : कश्मीर इस समय एक Twin Crisis से जूझ रहा है। एक तरफ petrol pumps सूख चुके हैं, दूसरी तरफ fruit mandis ने दो दिन का शटर डाउन कर दिया है। वजह है 9 सितम्बर से बंद पड़ा Srinagar–Jammu National Highway , जिस पर अभी भी हजारों ट्रक फंसे हुए हैं।
Highway पर अफरातफरी
270 किमी लंबा यह highway , जिसे घाटी की lifeline कहा जाता है, अब लोगों और ट्रांसपोर्टरों के लिए परेशानी का सबब बन गया है। जो सफर तीन हफ्ते पहले सिर्फ 5 घंटे का था, वही अब 12 घंटे से ज्यादा खिंच रहा है।
सबसे खराब हालात Nashri–Udhampur stretch पर हैं, जहां 26-27 अगस्त की record बारिश और landslides ने सड़क को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। Authorities ने भले ही एक-तरफ़ा ट्रैफिक की इजाज़त दी है, लेकिन proper management ना होने से हालात और बिगड़ गए हैं।
Fuel Crisis गहराई
Highway blockade का सीधा असर fuel सप्लाई पर पड़ा है। रविवार को दर्जनों petrol pumps ने स्टॉक खत्म होने के कारण shutter गिरा दिए। जो कुछ खुले रहे, वहां लंबी queues देखी गईं।
“दो घंटे से line में खड़ा था, लेकिन petrol मेरे तक आने से पहले ही खत्म हो गया। अब बिना fuel कैसे manage करें?” — फरहान अहमद, मोटरिस्ट, बेमिना
Kashmir Valley Petroleum Dealers Association ने चेतावनी दी है कि अगर हालात जल्दी नहीं सुधरे तो घाटी में पूरी तरह fuel dry-out हो जाएगा।
Horticulture Sector पर करारा झटका
ब्लॉकेज से कश्मीर के Rs. 20,000 करोड़ के horticulture sector को भी भारी नुकसान हुआ है। सेबों से भरे सैकड़ों trucks highway पर फंसे हैं।
“हर ट्रक का मतलब है सेब का market तक न पहुंच पाना। Delhi और बाहर के बाजारों तक माल नहीं पहुंच रहा। नुकसान सैकड़ों करोड़ तक पहुंच चुका है,” — गुलाम नबी, बाग़वान, शोपियां
इसी गुस्से में फल उत्पादकों और डीलर्स ने 14 और 15 सितम्बर को घाटी की सभी **mandis बंद रखने** का ऐलान किया।
Transporters की परेशानी
ट्रांसपोर्टर्स का कहना है कि uncertainty ने उनका काम ठप कर दिया है।
“सैकड़ों trucks Ramban में फंसे पड़े हैं। Drivers परेशान हैं और कारोबार रुका हुआ है। हमें perishables और tankers के लिए अलग corridor चाहिए। ये stop-start reopening काफी नहीं है,” — शबीर अहमद, ट्रांसपोर्टर, अनंतनाग
प्रशासन का दावा: “War Footing पर काम”
अधिकारियों का कहना है कि NHAI, BRO और district teams लगातार बहाली में लगे हुए हैं। एक वरिष्ठ ट्रैफिक पुलिस अधिकारी ने बताया:
“Highway हल्के वाहनों के लिए चालू है। हमारी प्राथमिकता stranded fruit trucks और fuel tankers को निकालने की है।”
Experts की चेतावनी
इस संकट ने घाटी की over-dependence on Srinagar–Jammu Highway पर बहस फिर से तेज कर दी है। Experts का कहना है कि यह सड़क unstable mountain slopes से होकर गुजरती है, इसलिए हर साल बारिश और landslides से ब्लॉक हो जाती है।
“Mughal Road या Sinthan Top seasonal alternatives हैं, railway links और tunnels अभी अधूरे हैं। जब तक all-weather alternative नहीं बनेगा, कश्मीर हर साल इसी संकट का शिकार होता रहेगा,” — अब्दुल मजीद, यूनिवर्सिटी शिक्षक, श्रीनगर
