PP NEWS LINE DESK | बिहार में दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा की मांग को लेकर सोमवार को पटना की सड़कों पर हंगामा हो गया। भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित न होने से नाराज अभ्यर्थियों ने पटना कॉलेज से मुख्यमंत्री आवास तक पैदल मार्च निकाला। लेकिन जैसे ही वे डाक बंगला चौराहा पहुंचे, पुलिस ने उन्हें रोक दिया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया, जिसमें कई अभ्यर्थी घायल हो गए। एक महिला अभ्यर्थी का पैर टूट गया।
दो साल से अटकी भर्ती प्रक्रिया
अभ्यर्थियों का कहना है कि लगभग दो साल से दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा का इंतजार किया जा रहा है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार कई मंचों से भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की घोषणा कर चुके हैं, लेकिन BPSSC की ओर से अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। छात्रों का आरोप है कि सरकार सिर्फ घोषणाएं कर रही है, जमीन पर कुछ नहीं दिख रहा।
डाक बंगला पर पुलिस और छात्रों की भिड़ंत
प्रदर्शनकारी जब डाक बंगला चौराहा पर पहुंचे तो पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर उन्हें रोकने की कोशिश की। काफी देर तक समझाने के बावजूद छात्र पीछे हटने को तैयार नहीं हुए। इसी बीच कुछ अभ्यर्थी कोतवाली थाना इलाके तक पहुंच गए। पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की लेकिन जब हालात काबू से बाहर होते दिखे तो लाठीचार्ज कर दिया गया।
लाठीचार्ज के दौरान कई छात्र घायल हुए और अफरातफरी का माहौल बन गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, पुलिस ने अभ्यर्थियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। एक महिला अभ्यर्थी गंभीर रूप से घायल हुई और उसका पैर टूट गया।
अभ्यर्थियों का आरोप और ऐलान
अभ्यर्थियों का कहना है कि सरकार उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रही है। उन्होंने साफ कहा है कि चाहे जितना दमन हो, वे अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे।
“हमारी मांग जायज़ है। सरकार लगातार हमारी अनदेखी कर रही है। जब तक दरोगा और सिपाही भर्ती परीक्षा की तारीख घोषित नहीं होती, हम डटे रहेंगे,” एक अभ्यर्थी ने कहा।
पुलिस का रुख
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि छात्रों को समझाने की कोशिश की गई थी लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद ही स्थिति संभालने के लिए हल्का बल प्रयोग करना पड़ा।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण
लाठीचार्ज के बाद बड़ी संख्या में छात्र बिखर गए, लेकिन वे अब भी पटना में विभिन्न जगहों पर इकठ्ठा होकर प्रदर्शन करने की योजना बना रहे हैं। अभ्यर्थियों ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी मांग पूरी नहीं होती, वे आंदोलन जारी रखेंगे।
